जंगल से मिली 5 किलो की आईईडी, सुरक्षा बलों ने किया निष्क्रिय
5 kg IED found in the forest; security forces defused it.

पखांजूर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बार फिर यफलता हाथ लगी है। थाना छोटेबेठिया क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम टेकमीटोला के घने जंगल और पहाड़ी इलाके में चलाए गए एक संयुक्त सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों ने लगभग 5 किलो वजनी घातक प्रेशर कुकर आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद किया है। मुस्तैद बम निरोधक दस्ते (BDS) ने बिना समय गंवाए इस शक्तिशाली विस्फोटक को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से विस्फोट कर निष्क्रिय कर दिया, जिससे सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की एक बड़ी नक्सली साजिश विफल हो गई।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला अभियान
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुन्दरराज पी., बीएसएफ भानुप्रतापपुर के डीआईजी दीपक तिवारी, कांकेर पुलिस अधीक्षक (SP) निखिल राखेचा तथा 94वीं वाहिनी बीएसएफ बांदे के सेनानी रविन्द्र सिंह चंदेल के संयुक्त निर्देशन में जिले के धुर नक्सल प्रभावित और सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को जिला पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बीडीएस की संयुक्त टीम टेकमीटोला के जंगलों की ओर रवाना हुई थी।
सतर्कता से टला बड़ा हादसा
जंगल में सघन तलाशी अभियान के दौरान जवानों को पगडंडी के पास एक संदिग्ध छुपाया हुआ प्रेशर कुकर दिखाई दिया। तकनीकी जांच करने पर उसमें भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और वायर मिले। नक्सलियों ने इस आईईडी को सुरक्षा बलों के गश्ती दल को भारी क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से प्लांट किया था। जवानों ने अत्यधिक सतर्कता बरतते हुए संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया। इस पूरे ऑपरेशन में एसी बीएसएफ रमेश कुमार रजक, इंस्पेक्टर सुमन कंथोसू तथा उप निरीक्षक रोशन लाल मीणा के नेतृत्व में टीम ने फ्रंटलाइन पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में स्थाई शांति और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
