रायपुर

मई अंत तक महिला कांग्रेस को मिलेगा नया नेतृत्व

Mahila Congress will get new leadership by the end of May

रायपुर । छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस को नया अध्यक्ष कब मिलेगा, इस पर बना सस्पेंस अब मई के आखिरी हफ्ते तक खत्म हो सकता है। जनवरी में दिल्ली में इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब तक किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। संगठन के भीतर खींचतान और गुटबाजी को देरी की बड़ी वजह माना जा रहा है।

दिल्ली में हुई चयन प्रक्रिया के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा की मौजूदगी में पांच वरिष्ठ महिला नेताओं—अनिला भेड़िया, संगीता सिन्हा, छन्नी साहू, ममता चंद्राकर और तुलिका कर्मा—ने अपनी दावेदारी पेश की थी। लेकिन कई दौर की चर्चा के बाद भी नाम फाइनल नहीं हो सका।

दो नामों पर अटका मामला

सूत्रों के मुताबिक, अब मुकाबला मुख्य रूप से दो नामों के बीच सिमट गया है। संगठन का एक वर्ग छन्नी साहू के पक्ष में है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खेमे से संगीता सिन्हा की दावेदारी मजबूत बताई जा रही है। ऐसे में अंतिम फैसला इन दोनों नामों के बीच ही होने की संभावना जताई जा रही है।

मौजूदा नेतृत्व और संगठन पर असर

फिलहाल महिला कांग्रेस की कमान फुलोदेवी नेताम के पास है। लेकिन उनके राज्यसभा सदस्य होने और इस्तीफे की पेशकश के बाद संगठनात्मक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। कई पदाधिकारी निष्क्रिय हो गए हैं, जिससे जमीनी स्तर पर संगठन कमजोर पड़ता दिख रहा है।

राजनीतिक दबाव भी बढ़ा

एक तरफ केंद्र सरकार महिला आरक्षण को लेकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लागू कर चुकी है, तो दूसरी तरफ बीजेपी महिला कांग्रेस में नेतृत्व के अभाव को मुद्दा बना रही है। ऐसे में कांग्रेस के लिए जल्द अध्यक्ष नियुक्त करना राजनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है।

अब नजरें हाईकमान के फैसले पर टिकी हैं—क्या संगठन संतुलन साधते हुए किसी एक नाम पर मुहर लगा पाएगा या यह खींचतान और लंबी चलेगी।

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