रायपुर

घर-घर पहुंचेंगे मंत्री-विधायक, लेंगे जनता का फीडबैक

Ministers and MLAs will visit every household to gather feedback from the public.

रायपुर। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा ने प्रदेशव्यापी “घर-घर चलो अभियान” का शंखनाद कर दिया है। इस बार पार्टी आलाकमान के तेवर साफ हैं कि नेताओं को केवल मंचों से भाषण देने तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि उन्हें सीधे जनता की चौखट तक पहुंचना होगा।
अभियान 14 जून तक चलेगा

आठ जून से शुरू हुआ यह अभियान 14 जून तक चलेगा। इस दौरान भाजपा विशेष जनसंपर्क अभियान के माध्यम से लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों से जोड़ेगी। साथ ही बुद्धिजीवियों और प्रबुद्ध नागरिकों से फीडबैक लेकर पार्टी अपनी आगामी रणनीति को भी धार देने का प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने इसकी कमान संभाली

अभियान में मंत्री, सांसद और विधायकों सहित संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों को भी सक्रिय भूमिका सौंपी गई है। अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी कमान संभाल ली है। अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए मुख्यमंत्री साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और संगठन महामंत्री पवन साय ने सोमवार को सांसदों और विधायकों की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक ली थी।

किसी भी जिले में किसी के घर पहुंच सकते हैं सीएम

बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्व और क्षेत्र के अनुरूप स्पष्ट लक्ष्य सौंपे गए हैं। संगठन ने साफ कर दिया है कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की ढिलाई या बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मुख्यमंत्री साय अपनी विधानसभा क्षेत्र के अलावा प्रदेश के किसी भी जिले में औचक रूप से किसी भी नागरिक के घर पहुंच सकते हैं।

उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित कैबिनेट के अन्य मंत्री भी आम जनता के बीच जाकर सीधे संवाद स्थापित करेंगे।

किसकी क्या जिम्मेदारी

मंत्री, विधायक और सांसदः प्रत्येक को न्यूनतम 50-50 नए प्रबुद्धजनों और नागरिकों से सीधा संपर्क करना होगा।
राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारी और जिला अध्यक्ष : इन्हें 25-25 लोगों से मिलने की जिम्मेदारी दी गई है। जिला
पदाधिकारी : प्रत्येक पदाधिकारी 15-15 घरों का दौरा करेंगे।
मंडल अध्यक्ष : इन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में 10-10 लोगों से संपर्क साधना होगा।

लोगों से सीधे संवाद कर उनका फीडबैक भी लेंगे

जनता के बीच पहुंचकर जनप्रतिनिधि न केवल केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देंगे, बल्कि लोगों से सीधे संवाद कर उनका फीडबैक भी लेंगे। यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि राशन, पेयजल, आवास सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुचारू रूप से पहुंच रहा है या नहीं।

यदि जमीनी स्तर पर किसी प्रकार की खामी या शिकायत सामने आती है, तो उसके त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। वहीं 10 जून को पूरे प्रदेश में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।

Back to top button