छत्तीसगढ़ (सबसे ज़रूरी)

बलौदाबाजार में 8 संदिग्ध मौतों से सनसनी, कब्र से निकाले गए शव

Sensation in Baloda Bazar over 8 suspicious deaths; bodies exhumed from graves.

बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के खरवे गांव में पिछले तीन महीनों में हुई 8 संदिग्ध मौतों के मामले में जांच तेज हो गई है। कब्र से निकाले गए 6 शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) लाया गया। शवों के साथ मृतकों के परिजन भी रायपुर पहुंचे हैं। कड़ी निगरानी में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया चल रही है।

प्रशासन ने ग्रामीणों की शिकायत और बढ़ते विवाद को देखते हुए शवों को कब्र से निकालकर दोबारा परीक्षण कराने का फैसला लिया है। इससे पहले शनिवार को एक शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया था। अब तक कुल 6 शवों का दोबारा परीक्षण कराया जा रहा है, जबकि एक मृतक का दाह संस्कार कर दिया गया था।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि, पोस्टमॉर्टम के बाद विसरा सुरक्षित रखकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतें किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुईं या इसके पीछे कोई और कारण था। फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।

ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि गांव के रामसाय जायसवाल जमीन में गड़े कथित खजाने (हंडा) को पाने के लिए लोगों की बलि दे रहा था। हालांकि, इस तरह की बातों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

खरवे गांव में संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू की जान चली गई। मार्च महीने में 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू और 31 मार्च को विनोद साहू की मौत हो गई।

इसके बाद 28 अप्रैल को गजानंद मांझी और 29 अप्रैल को चैतूराम साहू की मौत हो गई। सबसे हालिया मौत 14 मई को महेतरू साहू की हुई। महज तीन महीने के भीतर एक ही गांव में 8 लोगों की मौत के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कसडोल थाने पहुंचे थे।

रामसाय जायसवाल पर ग्रामीणों का शक

गांव के लोगों का कहना है कि, जिन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई, वे सभी मौत से पहले किसी न किसी रूप में रामसाय जायसवाल के संपर्क में आए थे। किसी को उसने शराब पीने के लिए बुलाया था, किसी को शराब लाने भेजा गया था, तो कुछ लोग उसके साथ बैठकर शराब पीते देखे गए थे।

शुरुआत में ग्रामीणों ने इन घटनाओं को सामान्य माना, लेकिन लगातार एक के बाद एक मौत होने के बाद लोगों ने पुरानी घटनाओं को जोड़ना शुरू किया। गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि पहले सभी को लगा की मौतें बीमारी या सामान्य कारणों से हो रही हैं।

लेकिन अब ग्रामीणों को संदेह है कि गांव में लंबे समय से कुछ गंभीर गड़बड़ी चल रही थी। लोगों ने कड़ी जोड़ी और गांव के ही रहने वाले रामसाय जायसवाल के खिलाफ सभी ने पुलिस में लिखित शिकायत की।

कामता प्रसाद साहू ने बताया कि, 1 महीने में उनके घर में दो लोगों की मौत हो गई है। उनके भाई छत्तू राम साहू और भतीजे विनोद कुमार साहू की शराब पीने से मौत हुई थी। कामता प्रसाद ने कहा कि गांव में किराना दुकान चलाने वाले रामसाय जायसवाल ने दोनों को शराब पिलाई थी।

आरोप है कि दुकानदार रामसाय लोगों को अपनी दुकान में बुलाकार शराब पिलाता था और गांव के कई लोग उसके संपर्क में थे। शराब में कुछ जहरीला पदार्थ मिलाकर उसने लोगों को शराब पिलाई है। जिससे लोगों की मौत हो गई है। हमारी मांग है कि पुलिस रामसाय को रिमांड कर उससे पूछताछ करें।

जमीन में गड़ा खजाना पाने में बलि की आशंका

खरवे गांव में लगातार हुई संदिग्ध मौतों के बाद ग्रामीणों के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि संदेही रामसाय जायसवाल अक्सर जमीन में गड़ा खजाना (हंडा) निकालने की बात करता था और इसी वजह से लोगों की बलि दिए जाने की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों का दावा है कि वह देवी-देवताओं को प्रसन्न करने और खजाना पाने के लिए विशेष अनुष्ठानों की बातें भी करता था। हालांकि अब तक इस तरह के किसी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि फिलहाल जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों, पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतों के पीछे जहर, कोई अन्य आपराधिक कारण या फिर कुछ और वजह थी। फिलहाल खजाने और मानव बलि से जुड़ी बातें केवल ग्रामीणों की आशंकाओं और चर्चाओं तक सीमित है।

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