इस तकनीक से 27 घरों के बिजली बिल घटेंगे
This technology will reduce the electricity bills of 27 households.

रायपुर। राजधानी की हाउसिंग सोसाइटियों में अब हर घर की छत पर अलग-अलग सोलर पैनल लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रायपुर के लार्ड्स सिटी में सीएसपीडीसीएल ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत वर्चुअल नेट मीटरिंग व्यवस्था लागू कर नई शुरुआत की है।
यहां एक साझा रूफटाप सोलर प्लांट से 27 परिवारों को बिजली का लाभ मिल रहा है। 49.2 और 58.2 किलोवाट क्षमता के दो सोलर संयंत्र लगाए गए हैं, जिनसे बनने वाली बिजली पंजीकृत उपभोक्ताओं में वर्चुअली बांटी जाएगी। इससे बिजली बिल कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
सोसाइटियों को होगा फायदा
सीएसपीडीसीएल के मुताबिक यह माडल उन अपार्टमेंट और सोसाइटियों के लिए ज्यादा उपयोगी है, जहां हर घर की छत पर अलग सोलर प्लांट लगाना संभव नहीं होता। सरकारी सब्सिडी से परियोजना और किफायती बनी है।
यह है वर्चुअल नेट मीटरिंग व्यवस्था
वर्चुअल नेट मीटरिंग ऐसी व्यवस्था है, जिसमें एक साझा सोलर प्लांट से बनने वाली बिजली का लाभ कई उपभोक्ताओं को दिया जाता है। इसमें हर मकान पर अलग सोलर सिस्टम लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। सोलर प्लांट से तैयार बिजली का हिस्सा पंजीकृत उपभोक्ताओं के बिजली बिल में समायोजित किया जाता है। इससे अपार्टमेंट और बड़ी हाउसिंग सोसाइटियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलता है।
दो सोलर प्लांट से 27 परिवारों को लाभ
लार्ड्स सिटी में 49.2 और 58.2 किलोवाट क्षमता के दो रूफटाप सोलर संयंत्र लगाए गए हैं। दोनों संयंत्रों से कुल 27 उपभोक्ताओं को वर्चुअल नेट मीटरिंग सुविधा दी जा रही है। परियोजना का काम इलेक्ट्रोमैक डिवाइसेस के श्री मारूफ ने पूरा किया। सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों के मुताबिक यह माडल रायपुर की दूसरी आवासीय सोसाइटियों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
सब्सिडी से सस्ता हुआ हरित ऊर्जा माडल
योजना के तहत रूफटाप सोलर संयंत्रों पर केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। इससे साझा सोलर परियोजनाएं पहले की तुलना में काफी किफायती हो गई हैं। लार्ड्स सिटी के रहवासियों ने बताया कि इस व्यवस्था से बिजली बिल में बचत हो रही है और स्वच्छ ऊर्जा का लाभ भी मिल रहा है। सीएसपीडीसीएल ने लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की है।
