छत्तीसगढ़ (सबसे ज़रूरी)

लगातार बारिश से बालोद के बांधों का जलस्तर बढ़ा

Water levels in Balod's dams have risen due to continuous rainfall.

बालोद। जिले सहित आसपास के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रमुख जलाशयों में साफ दिखाई देने लगा है। जल संसाधन विभाग की ओर से 7 जुलाई को जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार जिले के चार प्रमुख जलाशयों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अच्छी बारिश के कारण जलाशयों में पानी की आवक बनी हुई है। विभाग का कहना है कि इस वर्ष जलभराव की स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर है। फिलहाल किसी भी बांध के स्पिलवे (वेस्टवीयर) या स्लूइस गेट से पानी छोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ी है।

तांदुला और गोंदली जलाशय में बेहतर जलभराव

जिले के सबसे बड़े तांदुला जलाशय का जलस्तर बढ़कर 330.90 मीटर पहुंच गया है। वर्तमान में इसमें 135.39 मिलियन घनमीटर (एमसीएम) पानी संग्रहित है, जो इसकी कुल जीवित क्षमता 302.31 एमसीएम का 44.79 प्रतिशत है।

वहीं गोंदली जलाशय चारों प्रमुख जलाशयों में सबसे अधिक भर चुका है। यहां 96.56 एमसीएम की कुल क्षमता के मुकाबले 53.76 एमसीएम पानी संग्रहित है, जो कुल क्षमता का 55.67 प्रतिशत है।

खरखरा और मटियामोती में भी बढ़ा जलस्तर

खरखरा जलाशय का जलस्तर 328.69 मीटर दर्ज किया गया है। इसमें 44.34 एमसीएम पानी संग्रहित है, जो इसकी कुल क्षमता का 31.83 प्रतिशत है। इस बांध से फिलहाल केवल 0.50 क्यूमेक पानी नहर के माध्यम से नियोजित रूप से छोड़ा जा रहा है।

मटियामोती जलाशय का जलस्तर 325.82 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। इसमें 11.10 एमसीएम पानी संग्रहित है, जो इसकी कुल क्षमता का 41.93 प्रतिशत है।

जलग्रहण क्षेत्रों में अच्छी वर्षा से बनी पानी की आवक

जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 1 जून से अब तक जलग्रहण क्षेत्रों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक 451 मिलीमीटर बारिश मटियामोती जलग्रहण क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई है।

इसके अलावा तांदुला जलग्रहण क्षेत्र में 300 मिलीमीटर, गोंदली क्षेत्र में 293 मिलीमीटर और खरखरा क्षेत्र में 272 मिलीमीटर संचयी वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि पिछले 24 घंटों में रिकॉर्डिंग केंद्रों पर उल्लेखनीय बारिश नहीं हुई, लेकिन पहले हुई लगातार वर्षा के कारण जलाशयों में पानी की आवक बनी हुई है।

सभी बांध सुरक्षित, लगातार हो रही निगरानी

जल संसाधन विभाग के अनुसार वर्तमान में किसी भी प्रमुख जलाशय के स्पिलवे या स्लूइस गेट से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। केवल खरखरा जलाशय से नहर के माध्यम से 0.50 क्यूमेक पानी का नियमित प्रवाह जारी है।

विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और सभी बांध फिलहाल सुरक्षित स्थिति में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जलाशयों का जलस्तर और बढ़ेगा, जिससे खरीफ सीजन के दौरान सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।

पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर स्थिति

जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) पीयूष देवांगन ने बताया कि इस वर्ष सभी प्रमुख जलाशयों की स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में तांदुला जलाशय 44.79 प्रतिशत भर चुका है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में इसमें केवल 15 प्रतिशत पानी था। खरखरा जलाशय में इस वर्ष लगभग 32 प्रतिशत पानी उपलब्ध है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा मात्र 3 प्रतिशत था।

इसी प्रकार मटियामोती जलाशय में इस समय 42 प्रतिशत जलभराव है, जो पिछले वर्ष 20 प्रतिशत था। वहीं गोंदली जलाशय में वर्तमान में लगभग 55 प्रतिशत पानी संग्रहित है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह केवल 21 प्रतिशत भरा था। उन्होंने उम्मीद जताई कि अच्छी बारिश के चलते इस वर्ष जल उपलब्धता बेहतर रहेगी।

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