राम मंदिर दान विवाद पर बोले देवकीनंदन, दोषी बचे नहीं-निर्दोष फंसे नहीं
Devkinandan speaks on the Ram Mandir donation controversy: the guilty will not escape, and the innocent will not be implicated.

रायपुर। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में कहा कि आस्था के केंद्र में गड़बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषी कोई भी हो, उसे कानून के दायरे में सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इस प्रक्रिया में किसी निर्दोष को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान के चढ़ावे में हेरफेर करने का फल कभी भी अच्छा नहीं होता।
मतांतरण की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कथावाचक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन को रोकना एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए उन्होंने देशभर के मंदिरों के प्रबंधन हेतु एक ‘सनातन बोर्ड’ के गठन की वकालत की। उन्होंने तर्क दिया कि यदि मंदिरों का धन सनातन बोर्ड के माध्यम से आदिवासियों और गरीबों की शिक्षा, चिकित्सा और विवाह जैसी व्यवस्थाओं में खर्च किया जाए, तो धर्मांतरण का प्रलोभन स्वतः समाप्त हो जाएगा।
गुरु शिष्य परंपरा का अंग है वंश परंपरा
वंशवाद के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति की गरिमापूर्ण गुरु-शिष्य परंपरा का अंग बताया। उन्होंने कहा कि एक पिता का धर्म है कि वह अपनी संतानों को सुसंस्कारित करे और यदि पुत्र सही मार्ग पर है, तो उसे गद्दी सौंपने में कोई बुराई नहीं है। रायपुर में आयोजित कथा में ‘नो तिलक-नो एंट्री’ के निर्णय का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि सनातन की मर्यादा बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि जो तिलक लगाएगा, वही संस्कारवान वातावरण में प्रवेश करेगा।
आज से 14 तक इंडोर स्टेडियम में भागवत
आठ से 14 जुलाई तक बूढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाली इस भव्य श्रीमद्भागवत कथा को लेकर राजधानी के भक्तों में भारी उत्साह है।
