कवर्धा में करंट का कहर, पिता-पुत्र समेत 3 की मौत
Electrocution tragedy in Kawardha: 3 dead, including father and son.

कवर्धा। जिले में गुरुवार को बिजली से जुड़े दो अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। पहली घटना कुकदूर थाना क्षेत्र के नागाटोला माठपुर की है, जहां बिजली पोल के अर्थिंग तार में उतरे करंट की चपेट में आने से आठ वर्षीय श्रवण बैगा की जान चली गई। दूसरी घटना सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बीरनपुर कला में हुई, जहां खेत की मेड़ पर लगाए गए विद्युत झटका तार की चपेट में आने से एक किसान गोकरण पटेल (55) और उनके पुत्र परमेश पटेल (22) की मौत हो गई। इन घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा, विभागीय रखरखाव और खेतों में अवैध विद्युत फेंसिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुकदूर थाना क्षेत्र के नागाटोला माठपुर में श्रवण बैगा अपने घर के पास खेल रहा था। अचानक वह बिजली पोल के अर्थिंग तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसे करंट का तेज झटका लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है, क्योंकि उनका कहना है कि विभाग द्वारा लाइनों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता। कुकदूर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया है और करंट आने के तकनीकी कारणों की जांच कर रही है।
दूसरी घटना बीरनपुर कला में हुई, जहां गोकरण पटेल और उनके बेटे परमेश खेत में बुआई कर रहे थे। खेत के चारों ओर सुरक्षा के लिए विद्युत झटका तार लगाया गया था। बारिश के कारण खेत में पानी भरा हुआ था। काम के दौरान परमेश इस तार की चपेट में आ गए। बेटे को बचाने के लिए दौड़े गोकरण भी करंट की चपेट में आ गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा तब सामने आया जब गोकरण की पत्नी भोजन लेकर खेत पहुंची।
स्थानीय स्तर पर इस लापरवाही को लेकर गहरा असंतोष है, क्योंकि लोहारा विकासखंड में करंट से मौत की यह एक वर्ष के भीतर दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले भी ऐसी ही एक घटना में दो लोगों की जान गई थी। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली लाइनों का नियमित मेंटेनेंस किया जाए और अवैध विद्युत तारों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
