कोरबा

चरित्र शंका में उजड़ा परिवार, 24 घंटे में खुला अंधे कत्ल का राज

Family shattered by suspicion of infidelity; mystery of blind murder solved within 24 hours.

कोरबा : ग्राम पंचायत ईरफ के हर्राडीह गांव में बुजुर्ग महिला समारिन बाई की हत्या और उसके बेटे व बहू पर जानलेवा हमले की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा ली है। मामले में मृतका का नाती-दामाद ही आरोपित निकला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। घटना रविवार देर रात पाली थाना क्षेत्र की चैतमा पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम हर्राडीह में हुई थी।

शुरुआत में अज्ञात हमलावर द्वारा टंगिया से हमला किए जाने की आशंका जताई गई थी। हमले में समारिन बाई 65 वर्ष की मौत हो गई थी, जबकि उसका बेटा चैतराम धनवार 45 वर्ष और बहू प्रमिला धनवार 40 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके जबड़े में गंभीर चोट आई थी और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, एफएसएल की मदद से साक्ष्य जुटाए और स्वजन समेत ग्रामीणों से पूछताछ की। जांच के दौरान संदेह मृतका के नाती-दामाद हीरालाल धनवार 40 वर्ष पर गया। पुलिस ने हीरालाल को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस के बताया कि आरोपित को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था। उसे शक था कि उसके सास-ससुर पत्नी को उसके विरुद्ध भड़का रहे हैं। इसी रंजिश में वह रात के समय हर्राडीह पहुंचा और डंडे से हमला कर दिया। बीच-बचाव के दौरान बुजुर्ग समारिन बाई के सिर पर भी वार किया, जिससे उनकी मौत हो गई। हमले में सास-ससुर भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपित की पहचान कर उसे 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ हत्या और जानलेवा हमले सहित संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है

ऐसे उजागर हुआ मामला

घटना के तुरंत बाद अंधेरा होने के कारण ग्रामीणों और स्वजन ने अज्ञात हमलावर द्वारा टंगिया से हमला किए जाने की आशंका जताई थी। इसी आधार पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू की। हालांकि जांच आगे बढ़ने पर पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया और नाती-दामाद की संलिप्तता उजागर हो गई।

सड़क नहीं होने से खाट पर लाना पड़ा शव और घायल

इस हत्याकांड के बाद गांव की मूलभूत सुविधाओं की कमी भी उजागर हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि हर्राडीह गांव तक आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंची है। इसी कारण शव और दोनों घायलों को लगभग एक किलोमीटर तक खाट और लकड़ी के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ा। वहां से एंबुलेंस के जरिए उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क नहीं होने से आपात स्थिति में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। घटना के बाद उन्होंने गांव तक जल्द पक्की सड़क बनाने की मांग दोहराई है।

 

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