बिलासपुर

खतरनाक उद्योगों में मजदूर सुरक्षा के लिए नए नियम जल्द

New rules for worker safety in hazardous industries soon

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के खतरनाक उद्योगों और विशेषकर कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अहम सुनवाई की। अदालत द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को नए श्रम सुरक्षा नियमों को जल्द अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026 को होगी।

हाई कोर्ट के पिछले आदेश के परिपालन में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालनालय (नवा रायपुर) के प्रभारी संचालक ने एक व्यक्तिगत हलफनामा पेश कर नई नियमावली की प्रगति की जानकारी दी।

नया कानून लागू: केंद्र सरकार का ‘व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तें संहिता, 2020’ 21 नवंबर 2025 से लागू हो चुका है। इसके तहत हर राज्य को मजदूरों की भलाई के लिए अपने नियम तय करने हैं।

नियमों का ड्राफ्ट तैयार: छत्तीसगढ़ श्रम विभाग ने एक कमेटी बनाकर ‘छत्तीसगढ़ व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तें नियम, 2026’ का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।

आपत्तियां और सुझाव: इस ड्राफ्ट को 6 मई 2026 को राजपत्र में प्रकाशित कर 45 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। यह मियाद 21 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है।

मजदूरों का हित प्राथमिकता: सरकार ने कोर्ट को आश्वस्त किया है कि थर्मल पावर प्लांट जैसे खतरनाक उद्योगों के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए नियम बनाए गए हैं। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों का अध्ययन कर मजदूरों के हित में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।

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