
रायपुर। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 21 जून को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे, जहां वे हाल ही में नियुक्त 41 जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग प्रोग्राम में टारगेट शीट और टिप्स देंगे। अभनपुर में 20 से 29 जून तक चलने वाले इस कार्यक्रम में एक्टिव कार्यकर्ताओं को वे कई जिम्मेदारियां भी देंगे।
इससे पहले राहुल गांधी सितंबर 2023 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ आए थे। करीब 3 साल बाद फिर उनके दौरे को लेकर सियासत हो रही है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि, कांग्रेस ने बहुत शराब घोटाला किया है। इसलिए अपने आका को खुश करने कांग्रेसी उनका पैर शराब से धोकर स्वागत करें।
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने तंज कसते हुए कहा था कि राहुल गांधी जहां जाते हैं, वहां कांग्रेस का बंटाधार हो जाता है। उन्हें एक-दो बार छत्तीसगढ़ का भी दौरा करना चाहिए, ताकि यहां कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट हो सके।
राहुल गांधी का दौरा कांग्रेस के संगठनात्मक अभियान से जुड़ा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत अभनपुर में आयोजित होने वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होकर जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे।
PCC चीफ दीपक बैज ने बताया कि, प्रदेश कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में 20 से 29 जून के बीच एक बड़े प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।
शिविर में छत्तीसगढ़ के 41 जिलाध्यक्षों साथ ओडिशा के जिलाध्यक्षों को भी शामिल किए जाने की प्लानिंग है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से कार्यक्रम का प्रस्ताव हाईकमान को भेजा गया है और अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देगी कांग्रेस
यह पूरा आयोजन कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान का हिस्सा है, जिसके जरिए पार्टी 2025-26 में जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। अभियान के तहत जिला, ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर तक संगठन का पुनर्गठन किया जा रहा है। पार्टी का फोकस सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने और संगठन में जवाबदेही तय करने पर है।
जानकारी के मुताबिक, इस ट्रेनिंग कैंप में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा, शशिकांत सेंथिल सहित तमाम दिग्गज नेता और एक्सपर्ट भी शामिल हो सकते हैं।
जिलाध्यक्षों से लेंगे जिलों की रिपोर्ट
ट्रेनिंग के दौरान राहुल गांधी जिलाध्यक्षों से वन टू वन बातचीत करेंगे। उनके जिले की सामाजिक, राजनीतिक परिस्थितियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही वे जिलों के प्रमुख बड़े मुद्दों की रिपोर्ट भी लेंगे। किस तरह काम किया जा सकता है, यह भी बताएंगे।
विरोध प्रदर्शन के तरीकों पर होगी चर्चा
ट्रेनिंग प्रोग्राम में जिलाध्यक्षों को संगठनात्मक जिम्मेदारियों, मीडिया मैनेजमेंट, सोशल मीडिया कैंपेन और जनहित से जुड़े मुद्दों के साथ ही सरकार की कमियों को उजागर करने के निर्देश दिए जाएंगे। विरोध प्रदर्शन के तरीकों और जनता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी का स्वागत है। पिछली बार कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के लिए गुलाब की पंखुड़ियां बिछा दी थी। इस बार राहुल गांधी के लिए क्या करेंगे, यह कांग्रेस पार्टी बताएगी। अपने आका को खुश रखने के लिए बहुत सारे नवाचार करते हैं। कांग्रेस अपने 5 साल के शासनकाल में भ्रष्टाचार में डूबी रही।
