रायपुर

कम नंबर वालों को नहीं मिला सरकारी स्कूल में एडमिशन!

Those with low marks did not get admission to government schools!

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कम अंक लाने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं दिए जाने का मामला सामने आया है। इसे लेकर शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि बोर्ड परीक्षा के खराब परिणामों के बाद प्राचार्यों पर की जा रही कार्रवाई का असर अब छात्रों के प्रवेश पर भी पड़ने लगा है।

पत्र के अनुसार, छत्तीसगढ़ बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कमजोर परिणाम आने के बाद अलग-अलग जिलों में प्राचार्यों के तबादले सहित अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। इसका दबाव स्कूलों में दिखाई दे रहा है।

कम अंक वाले छात्रों को लौटाने का आरोप

पत्र के अनुसार, कई सरकारी स्कूलों में कम अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश देने से इनकार किया जा रहा है। आरोप है कि पिछले साल के परीक्षा परिणाम के आधार पर छात्रों का चयन किया जा रहा है।

कम अंक वाले छात्रों को वापस भेजा जा रहा है। पत्र में इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए कहा गया है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।

नतीजों के दबाव में परीक्षा व्यवस्था प्रभावित होने का दावा

पत्र में यह भी कहा गया है कि बेहतर रिजल्ट के दबाव की वजह से बोर्ड परीक्षाओं की पारदर्शिता प्रभावित हो रही है। कार्रवाई के डर से कुछ सरकारी स्कूलों में नकल की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

पत्र में दावा किया गया है कि केवल अच्छे परिणाम हासिल करने की कोशिश में शिक्षा के मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहे हैं।

ड्रॉपआउट कम करने की कोशिशों पर भी सवाल

पत्र में कहा गया है कि एक ओर स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश में ड्रॉपआउट कम करने के लिए लगातार बैठकें कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यदि सरकारी स्कूलों में पढ़ना चाहने वाले छात्रों को ही प्रवेश नहीं मिलेगा तो इस लक्ष्य पर असर पड़ सकता है।

सरकार से यह मांग

पत्र में मांग की गई है कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई के इच्छुक प्रत्येक विद्यार्थी को बिना भेदभाव प्रवेश मिले और सभी स्कूलों में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।

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