छत्तीसगढ़ (सबसे ज़रूरी)

करही गोलीकांड का मास्टरमाइंड गणपत गिरफ्तार, लोन की किस्त और रेत कारोबार बना हत्या की वजह

Ganpat, the mastermind of the Karahi shooting, was arrested; loan instalments and the sand business were the motives for the murder.

जांजगीर-चांपा। जिले के चर्चित करही गोलीकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड बताए जा रहे गणपत बघेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपित ने अवैध रेत कारोबार, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और व्यक्तिगत द्वेष के चलते अपने साथियों के साथ मिलकर कांग्रेस नेता सम्मेलाल कश्यप के बेटे आयुष कश्यप की सुनियोजित हत्या की साजिश रची थी। आरोपित के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त पिस्टल और मैगजीन भी बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

अवैध रेत कारोबार से शुरू हुई थी दुश्मनी

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपित गणपत बघेल ने बताया कि उसने हाईवा और जेसीबी मशीन लोन पर खरीदी थी तथा उनकी भारी मासिक किस्त चुकाने के लिए अवैध रेत परिवहन का कार्य करता था। दूसरी ओर मृतक आयुष कश्यप भी रेत परिवहन और बिक्री के कारोबार से जुड़ा था। आयुष कम कीमत में रेत बेचकर बाजार में तेजी से प्रभाव बढ़ा रहा था, जिससे आरोपित के ग्राहक उससे दूर होने लगे और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।

आयुष की बढ़ती आर्थिक प्रगति और प्रभाव से आरोपित के मन में था प्रतिशोध

आरोपित ने बताया कि आयुष रेत घाटों में जबरन लोडिंग कराता था और ग्राहकों तक कम दाम में रेत पहुंचाकर उसकी ग्राहकी खराब कर रहा था। इतना ही नहीं, राजस्व विभाग की टीम बुलाकर वाहनों को पकड़वाने की आशंका से भी वह परेशान था। आयुष की बढ़ती आर्थिक प्रगति और प्रभाव से आरोपित के मन में जलन और प्रतिशोध की भावना पैदा हो गई, जिसके बाद उसने अपने साथियों अमित टंडन, भूषण बघेल और हेमंत बघेल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।

आधी रात घर में घुसकर बरसाई थी गोलियां

पुलिस के अनुसार 23-24 अप्रैल की दरम्यानी रात तीन नकाबपोश बदमाश ग्राम करही स्थित आयुष कश्यप के घर पहुंचे। उसके पहले बाहर से बुलाए गए आरोपितों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े। उसके बाद अमित टंडन, भूषण बघेल और हेमंत बघेल घर के अंदर घुसे और फिर आयुष के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद वे आयुष के कमरे में घुसे और उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बीच – बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। वारदात के बाद सभी आरोपित मौके से फरार हो गए थे।

200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, और तकनीकी आधार से आरोपितों तक पहुंची पुलिस

वारदात के बाद पुलिस, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साइबर तकनीक के साथ-साथ तकनीकी और मुखबिर के जरिए अहम सुराग जुटाए। लगातार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पहले ही हेमंत बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब मुख्य साजिशकर्ता गणपत बघेल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है।

Back to top button