बिलासपुर

उसलापुर स्टेशन पर यात्रियों को राहत, प्लेटफॉर्म 2-3 पर बनेंगे शेल्टर

Relief for passengers at Uslapur station; shelters to be built on platforms 2 and 3.

बिलासपुर: उसलापुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर बिलासपुर एवं कटनी छोर पर नए पैसेंजर शेल्टर बनाए जा रहे हैं। इनका निर्माण लाइसेंसी अपने खर्च पर कर रहा और बदले में शेल्टर पर विज्ञापन प्रदर्शित करने का अधिकार मिलेगा। साथ ही रेलवे को वार्षिक राजस्व भी प्राप्त होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कुछ यात्रियों को धूप और बारिश से राहत देना है।

दरअसल यहां प्लेटफार्म के पूरे हिस्से में शेड उपलब्ध नहीं है। शेल्टर में छावनी के साथ 12 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी और इतनी ही संख्या में यात्री खड़े रह सकते हैं। उसलापुर रेलवे स्टेशन में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। बिल्डिंग का स्वरूप बदलने के साथ-साथ व्यवस्थित पार्किंग, लाइटिंग, वेटिंग हाल का निर्माण हुआ है।

महत्वपूर्ण कार्यों के बावजूद एक बड़ी कमी यात्रियों को परेशान कर रही है। प्लेटफार्म एक हो या दो-तीन, इनके पूरे हिस्से में अब शेड नहीं लगा है। जिसके चलते यात्रियों को तेज धूप व बरसात के समय खुले आसमान के नीचे खड़े रहकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। प्रयास यह है कि इस योजना दूसरे चरण में शेड निर्माण को शामिल किया जाए। हालांकि पूरे हिस्से में शेड बनेगा या नहीं, यह तो स्पष्ट नहीं हुआ है। लेकिन, इन असुविधाओं के बीच रेलवे के वाणिज्य विभाग ने एक अच्छी पहल कर कुछ यात्रियों को राहत देने का प्रयास किया है।

प्लेटफार्म दो-तीन में पैसेंजर शेल्टर का निर्माण कराया जा रहा है। यह निर्माण लाइसेंस स्वयं के खर्च पर कर रहा है। शेल्टर निर्माण के साथ-साथ यहां यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियां भी उपलब्ध कर रहा है। बदले में, वह केवल दोनो सेट कुर्सियों के बीच विज्ञापन लगाएगा। यह विज्ञापन वह अलग-अलग जगह से एकत्र कर लगाएगा। इस प्रयास का दोहरा फायदा है। एक यात्रियों को बैठने की जगह मिल जाएगी और लाइसेंसी रेलवे को सालाना राजस्व भी उपलब्ध कराएगा।

पांच साल के लिए अनुमति लाइसेंसी द्वारा स्वयं के खर्च पर तैयार इस शेल्टर पर विज्ञापन लगाने की अनुमति पांच साल के लिए दी गई है। इसके बदले में वह रेलवे को सालाना साढ़े तीन से चार लाख रुपये राजस्व देगा। हालांकि यह राशि शेल्टर के अलावा स्टेशन परिसर के कुछ और हिस्सों में विज्ञापन लगाने के एवज में ली जा रही है। लाइसेंसी को शेल्टर पर स्थिर (नान-डिजिटल) विज्ञापन पैनल स्थापित करने की अनुमति दी गई है।

लाइसेंसी को अनुबंध अवधि के दौरान पैसेंजर शेल्टर को सुरक्षित एवं सुचारु स्थिति में बनाए रखना होगा। जिसमें संरचनात्मक भागों की मरम्मत, बैठने की व्यवस्था का रखरखाव और प्रकाश व्यवस्था शामिल है।

नियम-शर्तों के साथ कुछ पाबंदियां भी

विज्ञापन अधिकारों को किसी अन्य व्यक्ति या संस्था को उप-लाइसेंस पर देना।
आपत्तिजनक या रेलवे प्रशासन द्वारा अनुमोदित नहीं किए गए विज्ञापनों का प्रदर्शन करना।
शेल्टर का उपयोग यात्रियों के बैठने की व्यवस्था एवं स्वीकृत विज्ञापन प्रदर्शन के अतिरिक्त किसी अन्य उद्देश्य या गतिविधि के लिए करना।

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