दंतेवाड़ा की जागेश्वरी की जिंदगी से जंग, AIIMS बना सहारा
Dantewada's Jageshwari battles for life; AIIMS becomes her lifeline.

रायपुर । दंतेवाड़ा की 14 वर्षीय जागेश्वरी शरीर की त्वचा पर कांटों जैसी मोटी परतें बनने वाली बीमारी ‘इकथियोसिस हिस्ट्रिक्स’ से पीड़ित है। जागेश्वरी को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल के बाद जागेश्वरी को दोबारा एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया है। जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
जागेश्वरी की मां सुबी बताती हैं कि, अप्रैल 2012 में जन्म के करीब 3 महीने बाद ही बेटी के पैरों की त्वचा पर छोटे-छोटे कांटों जैसे उभार दिखाई देने लगे थे। परिवार को बीमारी की जानकारी नहीं थी। इसलिए शुरू में इसे किसी तंत्र-मंत्र या बुरी नजर का असर समझा गया। कई जगह झाड़-फूंक कराई गई, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
समय के साथ बीमारी बढ़ती गई और जागेश्वरी के शरीर की त्वचा मोटी, सूखी और कांटों जैसी हो गई। मां के मुताबिक, जब वह घर से बाहर खेलने जाती थी तो आसपास के बच्चे उसे देखकर चिढ़ाते थे। इससे परेशान होकर उसने बाहर निकलना और लोगों से मिलना-जुलना भी कम कर दिया।
एम्स रायपुर के त्वचा रोग विभाग के प्रमुख डॉ. मृत्युंजय सिंह ने बताया कि जागेश्वरी का इलाज साल 2019 में भी एम्स में किया गया था। उस समय उसकी हालत काफी गंभीर थी और करीब एक महीने तक इलाज चला था। इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार आया था, लेकिन यह बीमारी ऐसी है, जो समय-समय पर फिर गंभीर रूप ले सकती है।
क्या है इकथियोसिस हिस्ट्रिक्स?
डॉ. सिंह के अनुसार, इकथियोसिस हिस्ट्रिक्स बेहद दुर्लभ बीमारी है। इसमें त्वचा अधिक सूखी होकर मोटी परतों में बदल जाती है और कई जगह फटने भी लगती है। यह बीमारी जानलेवा नहीं होती, लेकिन मरीज का सामान्य जीवन काफी प्रभावित हो जाता है। इसका स्थायी इलाज फिलहाल संभव नहीं है, हालांकि नियमित इलाज और देखभाल से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
सोमवार को आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर बालिका और उसके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
चिकित्सकों का कहना है कि जागेश्वरी की विस्तृत जांच की जा रही है। रिपोर्ट और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर आगे की उपचार योजना तय की जाएगी। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है।
