ब्लू वॉटर टैंक में लगातार हादसों पर सरकार सख्त, मंत्री बोले- चारों ओर होगी फेंसिंग, लोगों की एंट्री पर रोक

छत्तीसगढ़ के रायपुर के माना इलाके स्थित ब्लू वॉटर टैंक में डूबे युवक आदिल खान का शव हादसे के चौथे दिन आधी रात पानी की सतह पर दिखाई दिया। रात करीब 12 बजे कुछ लोगों ने शव को पानी में तैरते देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि देर रात तक शव को पानी से बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी सामने नहीं आई थी। युवक की तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीम लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही थी।
Blue Water Tank: तैरकर खदान पार करने की लगी थी शर्त
मौदहापारा निवासी आदिल खान चार दिन पहले अपने दोस्तों के साथ ब्लू वॉटर टैंक घूमने पहुंचा था। इसी दौरान उसने एक साथी के साथ खदान को तैरकर पार करने की शर्त लगाई। दोनों ने पानी में तैरना शुरू किया, लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद आदिल थक गया और गहरे पानी में डूब गया। इसके बाद से ही उसकी तलाश की जा रही थी।
60 फीट की गहराई के बाद बढ़ी मुश्किल
युवक की तलाश में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के गोताखोर लगातार खदान में उतर रहे थे। टीम के गोताखोर करीब 60 फीट तक की गहराई में ही पहुंच पा रहे थे। इसके बाद पानी का तापमान काफी कम होने से रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण हो रहा था। गहराई बढ़ने के साथ ठंड और कम दृश्यता के कारण गोताखोरों के लिए नीचे जाकर लंबे समय तक सर्च करना मुश्किल था।
50 से ज्यादा लोगों ने चलाया सर्च ऑपरेशन
हादसे के बाद माना पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया। अभियान में 50 से ज्यादा लोग शामिल थे, जिनमें एनडीआरएफ के करीब 30 जवान भी शामिल रहे। गोताखोर 10 से 20 मिनट के अंतराल में गहराई तक जाकर युवक की तलाश कर रहे थे। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने ब्लू वॉटर टैंक के आसपास भी निगरानी बढ़ा दी थी और लोगों को खदान के किनारे जाने से रोका गया।
नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोर बुलाने की तैयारी
रेस्क्यू अभियान में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए राज्य सरकार ने विशाखापट्टनम से भारतीय नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोरों को बुलाने की तैयारी की थी। मुख्यमंत्री के आग्रह पर ईस्टर्न नेवल कमांड, विशाखापट्टनम से एक अधिकारी सहित 10 नौसैनिकों की टीम रायपुर आने वाली थी। टीम को गहरे पानी में रेस्क्यू के लिए विशेषज्ञता हासिल है।
लगातार हादसों के बाद खदान पर लगेगा प्रतिबंध
ब्लू वॉटर टैंक में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए सरकार अब यहां लोगों की आवाजाही रोकने की तैयारी कर रही है। आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा है कि खदान को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके साथ ही खदान के चारों ओर तार की फेंसिंग कराई जाएगी, ताकि लोग अंदर न जा सकें और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
आधुनिक रेस्क्यू व्यवस्था की मांग
घटना के बाद छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ब्लू वॉटर खदान में आधुनिक रेस्क्यू व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की थी। उन्होंने हादसे की गंभीरता को देखते हुए ऐसी जगहों पर पर्याप्त सुरक्षा और बचाव के इंतजाम सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।
