रायपुर

रिटायरमेंट लाभ के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

No more running around for retirement benefits; Chief Secretary issues strict directives.

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद अपने लंबित प्रकरणों या पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य शासन ने यह सुनिश्चित किया है कि कर्मचारियों के सभी सेवा-निवृत्ति प्रकरण उनके रिटायरमेंट होने से पहले ही पूरी तरह से निपटा लिए जाएं। मुख्य सचिव विकासशील ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में सभी विभागों के सचिवों की उच्चस्तरीय बैठक लेकर यह निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि हर विभाग को सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की एक विभागवार सूची निर्धारित अवधि के भीतर तैयार करनी होगी। इसके साथ ही उनके पेंशन, स्वत्व और अन्य सभी प्रकार के देयकों का समय पर निराकरण करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विभागों में खाली पड़े रिक्त और बैकलॉग पदों की सूची तैयार कर प्रशासनिक सेटअप के अनुसार नई भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए।

लोक सेवा गारंटी के दायरे में बढ़ीं सेवाएं

मंत्रालय में हुई इस समीक्षा बैठक के दौरान लोक सेवा गारंटी अधिनियम, सूचना का अधिकार, सेवा सेतु, पीएम प्रगति, ई-प्रगति, डी-रेगुलेशन और ग्रामीण विकास विभाग की चल रही योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अब तक कुल 728 सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं। मुख्य सचिव ने सभी विभागीय योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया।

केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में पारदर्शिता और समय पर भुगतान

बैठक के दूसरे चरण में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं (सीएसएस) के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ताकीद किया कि योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों और वेंडरों को समय पर भुगतान मिलना चाहिए। इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को तय समयसीमा में पूरा करने और एसएनए स्पर्श ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, जिससे फंड के दुरुपयोग को रोका जा सके और वित्तीय पारदर्शिता को और अधिक मजबूत किया जा सके।

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