भूत-प्रेत का डर दिखाकर ठगी, तांत्रिक को 3 साल की जेल
Tantrik jailed for 3 years for fraud by instilling fear of ghosts and spirits.

सिमगा। समाज में व्याप्त अंधविश्वास का लाभ उठाकर निर्दोष लोगों को अपना शिकार बनाने वाले अपराधियों के लिए सिमगा पुलिस ने नजीर पेश की है। सिमगा निवासी एक बीएससी छात्रा को ‘भूत-प्रेत’ के जाल में फंसाकर हजारों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय आरोपी जयप्रकाश मिश्रा को न्यायालय ने तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
घटना की शुरुआत एक अनजान कॉल से हुई। मध्यप्रदेश के शहडोल निवासी आरोपी जयप्रकाश मिश्रा (44) ने सिमगा की एक छात्रा को फोन किया और उसे डराया कि उसके ऊपर किसी बाहरी साये का असर है। तांत्रिक ने बड़ी चतुराई से यह दावा किया कि यदि तुरंत पूजा-पाठ नहीं करवाया गया, तो उसके परिवार के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। भयभीत छात्रा ने अपनी पढ़ाई के लिए रखे पैसों में से आरोपी के बताए क्यूआर कोड पर कुल 18,600 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में सच्चाई का एहसास होने पर पीड़िता ने सिमगा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
तकनीक का सहारा लेकर आरोपी तक पहुंचे
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सिमगा के प्रधान आरक्षक ओंकार सिंह राजपूत ने मोर्चा संभाला। उन्होंने केवल मौखिक बयानों पर निर्भर न रहकर तकनीक का सहारा लिया। बैंक ऑफ बड़ौदा के स्टेटमेंट और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला गया, जिससे आरोपी की लोकेशन और उसकी गतिविधियों का सटीक पता चला। पुलिस टीम ने मशक्कत कर शहडोल (मध्यप्रदेश) से आरोपी को धर दबोचा।
अदालत ने सुनाई सजा
सिमगा की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी योगिता जांगड़े की अदालत में अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी सबूतों को इतनी मजबूती से रखा कि आरोपी का जुर्म संदेह से परे साबित हो गया। अदालत ने धारा 318 (4) और 319 के तहत कुल तीन वर्ष के कारावास और अर्थदंड का आदेश पारित किया। इस सफलता ने साबित कर दिया कि तकनीक और पुलिस की सजगता के आगे ढोंगी तांत्रिकों का काला कारोबार नहीं चल सकता। फिलहाल, आरोपी जेल की सलाखों के पीछे है और क्षेत्र के नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
