साइबर फ्रॉड: साइबर ठगी के दो मामले, मोबाइल हैक कर बैंक खाते से उड़ाए 98 हजार
ऑनलाइन डिलीवरी और फर्जी अकाउंट में ट्रांजेक्शन के नाम पर एक लाख की ठगी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले में साइबर फ्रॉड के दो मामले सामने आए हैं। युवक का मोबाइल हैक कर बैंक अकाउंट से ठगों ने 98 हजार रुपये उड़ा दिए। दूसरे मामले में ऑनलाइन कपड़े की डिलीवरी के नाम पर नर्स का साइबर ठगों ने फर्जी बैंक अकाउंट में ट्रांजेक्शन के नाम पर डराया और अलग-अलग किस्तों में एक लाख रुपये हड़प लिए। दोनों मामले में पुलिस ने एफआईआर कर जांच शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के ग्राम बिरकोना में रहने वाले एक युवक का मोबाइल हैक कर साइबर ठगों ने बैंक खाते से 98 हजार रुपए पार कर दिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिलासपुर जिले के ग्राम बिरकोना निवासी प्रहलाद बरेठ (33) पिता स्व. आनंद राम बरेठ ने थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित के मुताबिक, उसका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में संचालित है। बीते 7 अगस्त 2026 को अज्ञात साइबर ठगों ने किसी अज्ञात लिंक अथवा तकनीकी माध्यम से उसका मोबाइल फोन हैक कर लिया।
फोन हैक होने के कुछ ही देर बाद उसके बैंक खाते से बिना उसकी जानकारी के 98 हजार रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर हो गया। पीड़ित को इस ऑनलाइन ठगी की जानकारी तब लगी जब उसने अपना बैंक अकाउंट चेक किया। खाते से अचानक 98 हजार गायब देख उसके होश उड़ गए। उसने बैंक जाकर ट्रांजेक्शन की जानकारी ली और इसके बाद थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। कोनी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से संबंधित बैंक खाते और उस आईपी एड्रेस व मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
ऑनलाइन आर्डर: ड्रेस की डिलीवरी के नाम पर नर्स से 1 लाख की ठगी
छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी में रहने वाली नर्सिंग स्टाफ ने ऑनलाइन साइट से ड्रेस ऑर्डर किया था। ड्रेस की कीमत महज 500 रुपए थी। डिलीवरी से पहले ही उसने 500 रुपए ऑनलाइन पेमेंट कर दिया था। ड्रेस की डिलीवरी नहीं आने पर जब नर्स ने 24 अगस्त को कॉल किया तो फिर से उससे 500 रुपए लिए गए। इसके बाद आईडी ब्लॉक होने, फर्जी अकांउट में रुपए जमा करने जैसे तरह-तरह के बहाने बनाते हुए उससे अलग-अलग किस्तों में करीब 1 लाख रुपए जमा करा लिए। ढेर सारे रुपए देने के बाद भी जब नर्स को उसका ड्रेस नहीं मिला तो उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद थाने जाकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मुताबिक नर्स ने रुपए 22 अगस्त से 31 अगस्त तक अलग-अलग खातों में कई बार रुपए ट्रांसफर की है।
