भाभी की हत्या कर ननद ने रची दुष्कर्म की झूठी साजिश
Sister-in-law kills sister-in-law and fakes rape case

कवर्धा। सिंगारपुर गांव के झोंकाखार खेत में तीन मई की सुबह मिली एक महिला की निर्वस्त्र लाश ने पूरे कबीरधाम जिले को हिला दिया था। खेत में बिखरे कपड़े, टूटी चूड़ियां, सिर और चेहरे पर गहरे वार के निशान देखकर गांव में दुष्कर्म और सामूहिक अपराध की सनसनी फैल गई थी।
लोगों को लग रहा था कि किसी बाहरी आरोपी ने महिला के साथ दरिंदगी करने के बाद उसकी हत्या कर दी। लेकिन पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस वारदात की असली और खौफनाक कहानी सामने आती गई। आखिरकार खुलासा हुआ कि यह किसी बाहरी अपराधी का नहीं, बल्कि परिवार के भीतर वर्षों से पल रही रंजिश का खूनी अंत था।
मृतिका की हत्या उसकी ननंद ने ही की थी, जिसने हत्या के बाद शव को निर्वस्त्र छोड़कर पूरी घटना को दुष्कर्म जैसा दिखाने की कोशिश की।
मृतिका की पहचान 32 वर्षीय बेलसिया छेदैया निवासी सिंगारपुर के रूप में हुई। तीन मई को उसका शव खेत में संदिग्ध हालत में मिला था। सूचना मिलते ही सहसपुर लोहारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह था। शव के आसपास कपड़ों के टुकड़े, टूटी चूड़ियां और संघर्ष के निशान मौजूद थे। महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें थीं। शुरुआती हालात देखकर पूरा गांव सहम गया था और दुष्कर्म के बाद हत्या की चर्चाएं तेजी से फैलने लगी थीं।
घटनास्थल से मिले अहम साक्ष्य
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल को घेरकर वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की। मौके से लोहे की रपली, हंसिया, साड़ी पिन, कपड़ों के टुकड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए। साइबर सेल और एफएसएल टीम को भी जांच में शामिल किया गया। पुलिस लगातार इस बात की पड़ताल कर रही थी कि आखिर यह वारदात किसी बाहरी आरोपी ने की है या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी हुई है।
पांच साल से चल रहा था विवाद
जांच के दौरान पुलिस ने मृतिका के परिजनों और गांव के लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि मृतिका और उसकी ननंद मालती मरकाम के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी महिला पिछले लगभग पांच वर्षों से अपने मायके में रह रही थी। दोनों के बीच आए दिन तानेबाजी, झगड़े और तनाव बना रहता था। परिवार के कई लोगों ने भी दोनों के बीच गंभीर विवाद होने की पुष्टि की।
पहले भी कर चुकी थी हत्या की कोशिश
विवेचना में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि करीब छह महीने पहले भी आरोपी महिला ने मृतिका का गला दबाकर जान लेने की कोशिश की थी। उस समय परिवार के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था। लेकिन भीतर ही भीतर दोनों के बीच दुश्मनी लगातार बढ़ती गई और आखिरकार यह विवाद खूनी वारदात में बदल गया।
पीछे से किया हमला, मौके पर हुई मौत
लगातार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का शक मालती मरकाम पर गहराता गया। कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर आरोपी टूट गई और उसने पूरा अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि तीन मई को उसने योजनाबद्ध तरीके से खेत में काम कर रही अपनी भाभी पर पीछे से हमला किया। लोहे की रपली से सिर पर लगातार वार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
क्राइम पेट्रोल जैसी कहानी रचकर पुलिस को भटकाना चाहती थी
हत्या के बाद आरोपी ने शव के कपड़े फाड़ दिए और उसे निर्वस्त्र हालत में छोड़ दिया। उसका उद्देश्य पुलिस को गुमराह करना और घटना को दुष्कर्म या सामूहिक अपराध जैसा दिखाना था ताकि शक किसी पुरुष या बाहरी व्यक्ति पर जाए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने मोबाइल और क्राइम आधारित कार्यक्रमों में इस तरह की घटनाएं देखी थीं। उसी से प्रेरित होकर उसने हत्या को दूसरा स्वरूप देने की कोशिश की।
हालांकि पुलिस की वैज्ञानिक जांच और प्रारंभिक चिकित्सकीय परीक्षण में मृतिका के साथ किसी प्रकार के दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पूरी वारदात पारिवारिक रंजिश में हुई योजनाबद्ध हत्या के रूप में सामने आई। पुलिस ने आरोपी मालती मरकाम को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
वैज्ञानिक जांच ने खोली पूरी साजिश
इस पूरे मामले में पुलिस की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच सबसे अहम साबित हुई। घटनास्थल से जुटाए गए भौतिक साक्ष्य, साइबर इनपुट, पूछताछ और परिस्थितिजन्य तथ्यों ने पूरी कहानी को पलट दिया। जिस वारदात को शुरुआत में सामूहिक अपराध माना जा रहा था, वह अंत में रिश्तों के भीतर छिपी नफरत और बदले की भयावह कहानी बनकर सामने आई।
